UGC को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा फैसले के बाद सवर्ण समाज के लोगों में खुशी का माहौल देखने को मिला। इंदौर सहित कई इलाकों में लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई, बधाइयां दीं और न्यायपालिका के प्रति आभार जताया। सवर्ण समाज के लोगों का कहना है, कि यह फैसला उनकी आशंकाओं और संघर्ष की जीत है। ब्राह्मण समाज के नेता अनूप शुक्ला और अधिवक्ता जितेंद्र त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाकर कोर्ट ने छात्रों और शिक्षकों के हितों की रक्षा की है। दोनों ने न्यायालय को धन्यवाद देते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती बताया। गौरतलब है, कि यूजीसी के नए कानून को लेकर सवर्ण समाज लंबे समय से विरोध दर्ज करा रहा था। अलग-अलग मंचों से प्रदर्शन, ज्ञापन और आंदोलन किए जा रहे थे। समाज का आरोप था, कि नए नियमों से उच्च शिक्षा व्यवस्था और आरक्षण संतुलन प्रभावित होगा। इसी मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए रेगुलेशन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया। साथ ही, कोर्ट ने फिलहाल नए नियमों पर स्टे लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी, और तब तक 2012 के यूजीसी रेगुलेशन ही प्रभावी रहेंगे। कोर्ट के इस आदेश को विरोध कर रहे समाजों ने बड़ी राहत के रूप में देखा है। फिलहाल, फैसले के बाद सवर्ण समाज में संतोष और उत्साह का माहौल है, वहीं सभी की निगाहें अब 19 मार्च की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

