गणतंत्र दिवस के मौके पर इंदौर की सेंट्रल जेल से 9 ऐसे कैदियों की रिहाई हुई जिन्होंने मामूली बात पर किसी ने अपनो का खून बहाया तो किसी ने अपने दोस्त की छोटी सी बात पर हत्या कर दी थी ।
इंदौर की सेंट्रल जेल से आज 9 ऐसे कैदी रिहा हुए जिनके हाथ खून से रंगे हुए थे मगर इंदौर की सेंट्रल जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने खून से सने हाथों में भागवत गीता थमा दी इन कैदियों में एक अनोखा कैदी ऐसा भी छुटा है जिसने अपने ही दोस्त की हत्या कर अपने जीवन के 15 साल बीता दिए ।
कैदी जब हत्या कर जेल में आया था तो उसका नाम शंकर था मगर अब जेल से बाहर जाने के बाद उसका नाम शंकर गिरी हो गया और भगवा चोला पहन कर हाथों में भागवत गीता लेकर जेल से अपने घर चल दिया। वही जेल से छुटने वाले कैदियों को अपनी गलती का पछतावा तो हो ही रहा है इसी के साथ जेल से बाहर जाकर अपना जीवन परिवार के साथ बिताना और काम धंधा कर दिनचर्या चलाना अब एक चुनौती बन गया है

